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सोमवार, 7 फ़रवरी 2011

जग की जननी हे माँ शारदे....

जग की जननी हे माँ शारदे..... मेरा फोटो

बनारस की रसमयी धरती के सपूत श्री ज्ञानचंद मर्मज्ञ समकालीन कविता में एक अमूल्य हस्ताक्षर के रूप में उभरे हैं। जन्म से भारतीय, शिक्षा से अभियंता,

रोजगार से उद्यमी और स्वभाव से

कवि, श्री मर्मज्ञ अपेक्षाकृत कम हिन्दीभाषी क्षेत्र बेंगलूर में हिंदी के प्रचार-प्रासार और विकास के साथ स्थानीय भाषा के साथ समन्वय के लिए सतत

प्रयत्नशील हैं। लगभग एक दशक से हिंदी

पत्र-पत्रिकाओं की शोभा बढ़ा रहे ज्ञानचंद जी की अभी तक एक मात्र प्रकाशित पुस्तक "मिट्टी की पलकें" ने तो श्रीमान को सम्मान और पुरस्कार का पर्याय ही बना

दिया। श्री मर्मज्ञ के मुकुट-मणी में आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी शलाका सम्मानजैसे नगीने भी शामिल हैं। मित्रों! मर्मज्ञ जी जितने संवेदनशील कवि हैं उतने ही सहृदय सज्जन ! आप चाहें तो +91 98453 20295 पर कविवर से वार्तालाप भी कर सकते हैं !!!




ऋतुराज पधारे... मुस्काई लतिकायें... खिले कुसुम... ओढ धानी चुनर ली धरा अंगराई.... झरे मकरन्द.... भ्रमर करें किलोल, पिक-काकली की मधुर बोल... मूक सृष्टी को मिला स्वर... वाग्देवी की अर्चना का सुअवसर।

कल है बसंत पंचमी। कल है स्वरदात्री माँ शारदे की अराधना का सुयोग। ऋतुपति के आगमन से मुकुलित-मकरंद सुशोभित मधुमय बेला में इस मंच से वागधिष्ठात्री का आवाहन काव्य-प्रसून से कर रहे हैं कविकर ज्ञानचन्द मर्मज्ञ।

जग की जननी हे माँ शारदे तुम,

मेरी पूजा को स्वीकार करना ।

मुझको आता नहीं फूल चुनना, मुझको आता न शृंगार करना ॥

जग की जननी.......... !!

कुछ न कुछ हर किसी को हुआ है,

हर तरफ़ बेतहाशा धुआँ है ।

मुश्किलों से भरी हैं ये राहें, इन अँधेरों को गुलज़ार करना ॥

जग की जननी..........!!

ओस की बूँद जब मुस्कराये,

गंध माटी से फूलों में आये ।

रूप हो, रंग हो, भाव हो तुम, जग को खुशियों क संसार करना ॥

जग की जननी.......... !!

कब से सोये अभी तक न जागे,

कैसे समझेंगे तुझको अभागे ।
सांस तेरी है, आवाज तेरी, भूल
बैठे हैं जयकार करना ॥

जग की जननी.......... !!

प्यास पानी को ठगने लगी है,

खून की प्यास लगने लगी है ।

दिल से इन नफ़रतों को मिटा दे, सीख ले हर कोई प्यार करना ॥

जग की जननी.......... !!

भाव कितने तराशे पड़े है,

कितने मर्मज्ञ प्यासे पड़े हैं ।

इनको मालूम है, ये पता है, तुझको आता न इनकार करना ॥

जग की जननी.......... !!