रविवार, 3 जनवरी 2010

महात्मा गांधी ह्त्या केस

13 टिप्‍पणियां:

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  3. बहुत सुंदर गीत, बीते दिन बीती शरारते याद दिला दी.
    धन्यवाद

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  4. Purane jamane kaa geet, Aur aapke pesh karne ka naya andaz pasand aaya . shubhkamnay..

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  5. सुंदर रचना..मनोज जी थोड़ा अलग सा पर बेहतरीन..बधाई!!

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  6. aaj kal ke gaanomen ye baat kahan ???
    dhanyvad...ye geet ki prastuti ke liye ....

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  7. वाह ......... मज़ा आ गया ....... बीते दिनों की याद करा दी ...... बहुत अच्छा गीत रफ़ी साहब की आवाज़ में .......

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  8. सुंदर रचना..मनोज जी थोड़ा अलग सा पर बेहतरीन..बधाई!!

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