शनिवार, 5 अक्तूबर 2019

आज अन्तरराष्ट्रीय शिक्षक दिवस है ....


अन्तरराष्ट्रीय शिक्षक दिवस
मनोज कुमार
हालांकि शिक्षक दिवसविश्व के अधिकांश देशों में अलग-अलग दिन मनाया जाता है, लेकिन 05 अक्टूबर को अन्तरराष्ट्रीय शिक्षक दिवस या विश्व शिक्षक दिवस  संयुक्त राष्ट्र के तत्वावधान में मनाया जाता है। 5 अक्टूबर, 1966 को संयुक्त राष्ट्र द्वारा यूनेस्को (सयुंक्त राष्ट्र शैक्षिक वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन) और अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन की बैठक हुई थी, जिसमें अध्यापकों की स्थिति पर चर्चा हुई। इस बैठक में शिक्षकों के लिए कुछ मानदंड तय करने की बात कही गई थी एवं इस बात पर भी विचार किया गया कि शिक्षक ऐसा हो जो अभ्यास तथा निरंतर शिक्षा के माध्यम से स्वयं के ज्ञान को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुसार विकसित करता रहे। बैठक के अंत में 'टीचिंग इन फ्रीडम' संधि पर हस्ताक्षर किया गया था। उस संयुक्त बैठक को याद करने के लिये अन्तरराष्ट्रीय शिक्षक दिवस मनाया जाता है। यूनेस्को ने 05 अक्टूबर को अन्तरराष्ट्रीय शिक्षक दिवसघोषित किया। 1994 में आयोजित एक सम्मेलन में उच्चतर शिक्षा से जुड़े शिक्षकों की स्थिति को लेकर की गई यूनेस्को की अनुशंसाओं को अंगीकृत किया गया और तब से  इस दिन अन्तरराष्ट्रीय शिक्षक दिवस लगातार मानाया जाता है।
विश्व शिक्षक दिवस का मुख्य उद्देश्य है शिक्षकों के प्रति सहयोग को बढ़ावा देना और भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं को पूरा करना और शिक्षकों के महत्व के प्रति जागरुकता लानाइसका एक और प्रमुख उद्देश्य है कि इस पेशे में प्रतिभाशाली दिमाग और युवा प्रतिभाओं को आकर्षित किया जाए। 2019 में, विश्व शिक्षक दिवस की थीम है युवा शिक्षक: पेशे का भविष्य। इस दिन स्कूल-कॉलेजों आदि में अपने अध्यापकों तथा गुरुओं के सम्मान में अनेक प्रकार के कार्यक्रम आदि आयोजित किए जाते हैं। जिन शिक्षकों ने अपने क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया होता है उन्हें इस विशेष दिवस के मौके पर सम्मानित किया जाता है। ।  विभिन्न कार्यक्रमों द्वारा इस दिन एक छात्र की ज़िंदगी में शिक्षकों के महत्व को रेखांकित किया जाता है।
शिक्षक का समाज में आदरणीय व सम्माननीय स्थान होता है। अच्छे शिक्षक के बिना अच्छे समाज की परिकल्पना करना असंभव है। आइए हम शिक्षकों के पक्ष में जनसमर्थन जुटाएं और उनके सशक्तीकरण को सुनिश्चित करें ताकि आने वाली पीढ़ियों की जरूरतों और समाज के प्रति अपनी विशिष्ट जिम्मेदारी को शिक्षक प्रोत्साहित होकर पूरा करते रहें। यदि हम शिक्षकों का सशक्तीकरण करेंगे तो प्रत्येक बच्चे और युवा को आज़ादी के साथ सीखने का अवसर मिलेगा। अपने शिक्षकों के महान कार्यों के बराबर हम उन्हें कुछ भी तो नहीं लौटा सकते, लेकिन हम उन्हें सम्मान और धन्यावाद तो दे ही सकते हैं।
“थैन्कयू टीचर!”

शुक्रवार, 27 सितंबर 2019

विश्व पर्यटन दिवस


विश्व पर्यटन दिवस

मनोज कुमार


27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 1980 में संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन के द्वारा हुई। इसी दिन वर्ष 1970 में विश्व पर्यटन संगठन का संविधान स्वीकार किया गया था। इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि संसार में इस बात को प्रसारित किया जाए कि किस प्रकार पर्यटन वैश्विक रुप से, सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक तथा आर्थिक मूल्यों को बढ़ाने में तथा आपसी समझ बढ़ाने में सहायता करता है। यूनाइटेड नेशन वर्ल्ड टूरिज्म ऑर्गेनाइजेशन किसी न किसी देश को इसका मेजबान बनाती है। इस बार का मेजबान देश 'भारत' है। पर्यटन दिवस की जागरुकता को लेकर भी हर साल एक थीम रखी जाती है. इस बार का थीम 'टूरिज्म एंड जॉब: ए बेटर फ्यूचर फॉर ऑल' है। पर्यटन आज दुनियाभर में लगातार बढ़ने वाला और विकासशील आर्थिक क्षेत्र बन गया है और इसीलिए यह विकासशील देशों के लिए नौकरी और आय का मुख्य स्रोत बन चुका है।
भारत सरकार द्वारा पर्यटकों का ध्‍यान अपनी ओर आकर्षित करने के लिए 2002 में अतुल्‍य भारतयोजना की भी शुरूआत की गई थी।  देश की पर्यटन क्षमता को विश्व के समक्ष प्रस्तुत करने वाला अपने किस्म का यह पहला प्रयास था। इस अभियान का उद्देश्य भारतीय पर्यटन को वैश्विक मंच पर बढ़ावा करना था। इस अभियान ने हिमालय, वन्य जीव, योग और आयुर्वेद पर अंतर्राष्ट्रीय समूह का ध्यान खींचा। इस अभियान के द्वारा देश के पर्यटन क्षेत्र के लिए संभावनाओं के नए द्वार खुले हैं। भारत विश्व के शीर्ष पर्यटक स्थलों में से एक माना जाता है। भारत के विशाल तथा ख़ूबसूरत तटीय क्षेत्र, अछूते वन, शान्त द्वीप समूह, वास्तुकला की प्राचीन, ऐतिहासिक तथा सांस्कृतिक परम्परा, रंगमंच तथा कलाकेन्द्र, जनजातीय परंपराएं,  विश्व के विभिन्न देशों के पर्यटकों के लिए ख़ूबसूरत आकर्षण के केन्द्र बने हुए हैं। पर्यटन देश का तीसरा सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा अर्जित करने वाला उद्योग है। इसका राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद में 6.88 प्रतिशत और भारत के कुल रोज़गार में 12.36 प्रतिशत योगदान है। भारत में 2018 में एक करोड़ पांच लाख पर्यटक भारत आए थे और 1.70 अरब घरेलू पर्यटकों ने सैर की। पर्यटन मंत्रालय के एक आंकड़े के मुताबिक भारत में वर्ष पिछले दस वर्षों में विदेशी सैलानियों से होने वाली कमाई में तकरीबन छह गुना की बढ़ोतरी हुई है। पर्यटन उद्योग की सबसे बड़ी ख़ूबी यह है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार के अवसर पैदा हुए हैं। स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री ने लोगों से 2022 से पहले कम-से-कम 15 जगह की यात्रा करने का आग्रह किया है। आइए हम इस तरह के प्रयास करें कि यह देश दुनिया भर में पर्यटन के क्षेत्र में नंबर एक पर पहुंच जाए।