मंगलवार, 20 अप्रैल 2010

कब आयेगी बेला मिलन की ….?

कब आयेगी बेला मिलन की ….?परम प्रिय परमात्मा से विलग जीव, जग-जंजाल में उलझा तो रहता है, किन्तु प्रियतम से मिलन के लिए आत्मा की आकुलता कभी कम नहीं होती! इसी भाव को संजोये प्रस्तुत है, एक सूफी गीत! आपकी प्रतिक्रया ही हमारी रचनात्मक ऊर्जा का इंधन है, इतना ध्यान अवश्य रखेंगे!-- करण समस्तीपुरी



Vista04कब आयेगी बेला मिलन की,

बीती जाए उमरिया !

साज सजा के बैठूं महल बिच,

पर नही चैन बावरिया !

पग बरबस खींचे पनघट पर,

पथ पर लागी नजरिया !

बीती जाए उमरिया !!1!!


Clouds

आए-गए बहार-बसंती,

पर नही लीन्ही खबरिया !

अब तो आन मिलो मेरे प्रियतम,

घिर आयी है बदरिया !!

बीती जाए उमरिया !!2!!


J0382942 अँखियाँ बनी है सावन भादों,

पर उर में है ज्वाला !

विरह की आग लगी तन-मन में,

आओ बुझाओ सांवरिया !

बीती जाए उमरिया !!3!!

16 टिप्‍पणियां:

  1. आए-गए बहार-बसंती,

    पर नही लीन्ही खबरिया !


    अब तो आन मिलो मेरे प्रियतम,

    घिर आयी है बदरिया !!

    बीती जाए उमरिया !!2!!

    वाह, मनोज जी बहुत खूब !

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  2. bahut khub

    jabardast he

    kab aayegi bela

    shekhar kumawat

    http://kavyawani.blogspot.com/

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  3. मनोज जी आप मेरे ब्लाग पर घूम आये है
    इस हेतु धन्यबाद..मैं आपके ब्लाग पर
    आया तो आपकी पोस्ट सिर्फ़ और सिर्फ़
    उसी एक विचार पर मिली जो मेरे हिसाब
    से सर्वश्रेष्ठ विचार है ..लेकिन आप गलती
    पर है ये बेला आती नहीं बल्कि लायी जाती
    है.लेकिन सच ये भी है कि माया के रंग में
    रंगकर आदमी सिर्फ़ परमात्मा की बात दिखावे
    के लिये करता है . यदि सच में वह परमात्मा को
    चाहता है तो ये दूर भी नहीं है .
    सुरत फ़ंसी संसार में तासे हुय गयो दूर .
    सुरत मान थिर करो आठो पहर हजूर
    कस्तूरी कुन्डल बसे...
    अगर आपको तरीका न पता हो तो मुझसे
    सम्पर्क करें

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  4. बहुत सुन्दर लिखा आपने अंकल जी !

    ________________
    'पाखी की दुनिया' में इस बार माउन्ट हैरियट की सैर करना न भूलें !!

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  5. आपका ब्लॉग बहुत अच्छा है. आशा है हमारे चर्चा स्तम्भ से आपका हौसला बढेगा.

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  6. वाह मनोज जी,बहुत सुंदर रचना पेश की,
    आप का धन्यवाद

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  7. प्रभु के प्रति तल्लीनता जब इस मुकाम पर पहुंच जाए कि स्वयं प्रभु की स्मृति भी न रह जाए,प्रभु को पा लिया समझिए। और जब भग्वद्कृपा बरसेगी,आप आप नहीं रह जाएंगे।

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  8. बहुत सुन्दर ये सूफी गीत...मनभावन...

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  9. बहुत सुन्दर लिखा आपने जी !

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  10. "कब आयेगी बेला मिलन की ….?"
    Bahot he sundar Geet..Ye geet puri feelings ke sath likha pratit ho raha hai....yaha tak ki jo photos hai usse dekh aisa lag raha hai ki wo b kuch kah raha ho...
    Karan ji Antarman se likhi apki ye kavita dil ko chhu gai...Dhanyawad :)

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