सोमवार, 22 मार्च 2010

22 मार्च - विश्‍व जल दिवस के अवसर पर









22 मार्च - विश्‍व जल दिवस के अवसर पर
जान लें
सूखती जा रही है कुक्षि धरा की
दिन ब दिन गिर रहा है स्तर जल का
करें कल्पना उस पल का
जब समस्या होगी विकट
पृथ्वि पर होगा जल का संकट
लोग होंगे हैरान
हालात से परेशान
बस रह जएगा केवल निशान
भयावह है आने वाला कल
इसी लिये आज से ही बूंद-बूंद बचाओ जल!
वरना हो जाएगा बिन पानी जग सून!

बापू ने कहा था
प्रकृति हमारी ज़रूरतों को तो
कर सकती है पूरा
लेकिन ह मारे लालचों को नहीं।
सिंचाई पंप का इस्तेमाल
तालाब पाट कर बनते बस्तियों का जाल
औद्योगीकरण विशाल
शहरीकरण का कमाल
कि दुनिया में एक अरब से अधिक लोगों को
मिलता नहीं साफ़ पानी पीने को
सच है यह कि
संसार में तीन चौथाई भाग पानी है
सागर है, ग्लेशियर है, खाड़ियां हैं
पर इनका जल हमारे किस काम का?
ये तो नमकीन है
इंसान को जीने के लिए
जो साफ़ जल है पीने के लिए
तीन प्रतिशत से भी कम

पानी
यानी
आबरू, इज़्ज़त, गौरव, प्रतिष्ठा, मान-सम्मान
सब धरा रह जाएगा

पानी
यानी
आभा, कांति, चमक सब फींकी पड़ जाएगी

पानी
यानी
जौहर और धार
हम किसे दिखाएंगे
पानी
यानी
अंबु, अंभ, अप, क्षीर
आप, आब, उदक, नीर
तोय, पय, पानीय, वन
वारि, सलिल, पाथ, जीवन
जल जीवन जीवन जल
जल बिन जीवन ... जल-जल
कर मानव तू जल का संचय,
जल का संचय!!




(चित्र साभार गूगल)

13 टिप्‍पणियां:

  1. भविष्य में पानी की भयंकर समस्या से अवगत कराती संग्रहणीय पोस्ट...बहुत बहुत आभार इस जानकारी का जो हर इंसान को पता होनी चाहिए...
    नीरज

    उत्तर देंहटाएं
  2. सही बात है। काफी समय से इस बात को लेकर चर्चा भी है कि अगला विश्वयुद्ध पानी को लेकर ही होगा।

    उत्तर देंहटाएं
  3. अटकले तो अटकले हैं, किन्तु सच है कि जल ही जीवन है!

    उत्तर देंहटाएं
  4. एक बहुत ही भंयकर समस्या की ओर ध्यान दिलाया आप ने,भारत मै इतनी नदियो के होते भी पानी की समस्या है, जिस मै कई कारण तो सरकार की कमियो के कारण है बाकी बचे कारण लोगो की ना समझी भी है

    उत्तर देंहटाएं
  5. रहिमन पानी राखिये, बिन पानी सब सून !
    पानी गए न उबरे, मोती, मानुस, चुन !!
    विश्व जल दिवस पर सचेष्ट वा संवेदनशील पोस्ट के लिए धन्यवाद !!!

    उत्तर देंहटाएं
  6. सच है कि जल ही जीवन है! सचेष्ट वा संवेदनशील पोस्ट के लिए धन्यवाद !

    उत्तर देंहटाएं
  7. ज्वलंत समस्या पर ध्यान आकर्षित करती हुई रचना.

    उत्तर देंहटाएं
  8. इस मुश्किल से भी पार पाया जायेगा। मानव हार तो न जायेगा आसानी से।

    उत्तर देंहटाएं
  9. जल का संरक्षण करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है . बढ़िया प्रेरक ..

    उत्तर देंहटाएं
  10. बहुत ही महत्‍वपूर्ण और प्ररणादायक पोस्‍ट !!

    उत्तर देंहटाएं
  11. जल जब न होगा सारा जग जाएगा जल।

    हमारे छोटे-छोटे प्रयास बड़ी उपलब्धियाँ साबित हो सकते हैं। प्रयास के लिए आभार।

    उत्तर देंहटाएं
  12. बहुत अच्छी प्रस्तुति....जल कि महिमा को बताती हुई...रचना में जल के विभिन्न पर्यायवाची देने का शुक्रिया...

    उत्तर देंहटाएं

आपका मूल्यांकन – हमारा पथ-प्रदर्शक होंगा।