सोमवार, 24 अक्तूबर 2011

सहगान सजे होंगे

नवगीत

सहगान सजे होंगे

श्यामनारायण मिश्र

मैं यहां जलता रहूंगा दीप सा

अबकी दीवाली

तुम आंखें न भरना।

सजनी री !

कहा-सुनी-टंटे

कमी-किल्लत, रोग-ताप

          याद नहीं करना।

 

नैहर के सुख सपने

बूढ़ी मां, मुए बाप

          याद नहीं करना।

बाबू की भंडरिया

थापना गनेश

          अम्मा की भंडरिया लछमी।

बइया की आंखों

दीप सजा काजल

          बब्बू के माथे मल देना भस्मी।

चौरे में पांच-सात

आले में आली

एक दीप धरना।

आंखें न भरना।

 

साथी रे !

कातिक में कैथे के नीचे

धानों की खरही

          खलिहान सजे होंगे।

बैलों के गत्थे

दांय औ गड़ायन

घुंघरू के रुनझुन

          सहगान सजे होंगे।

खिरके में

गोल-गोल

          गायें बिचकाना।

ग्वालों के

हियो-तता

          नाच और गाना।

तुम्हें हो मुबारक

मेरे मन पंछी को

पंख है कुतरना

अबकी दीवाली

तुम आंखें न भरना।

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21 टिप्‍पणियां:

  1. 'कातिक में कैथे के नीचे

    धानों की खरही–

    खलिहान सजे होंगे।'


    पुरज़ोर है कबिता !

    दिवाली की असीम शुभकामनाएँ !!

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  2. बड़ी भावमयी पंक्तियाँ, दीवाली की शुभकामनायें।

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  3. आप सबको धनतेरस और दीपपर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।

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  4. आपको एवं आपके परिवार के सभी सदस्य को दिवाली की हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनायें !

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  5. ओह! पुरजोर प्रस्तुति.
    पढकर मन अभिभूत हो गया है.

    धनतेरस व दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ.

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  6. बहुत सुन्दर भावमयी रचना ...

    दीपावली की शुभकामनाएँ

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  7. याद आ गयी गांव-देश की दिवाली की। अब तो चाइनीज एल ई डी की लप लुप करती रोशनी में वह आनन्द कहाँ!

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  8. दीये की लौ की भाँति
    करें हर मुसीबत का सामना
    खुश रहकर खुशी बिखेरें
    यही है मेरी शुभकामना।

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  9. 'बाबू की भंडरिया थापना गनेश अम्मा की भंडरिया लछमी। बइया की आंखों दीप सजा काजल बब्बू के माथे मल देना भस्मी। चौरे में पांच-सात -आले में आली एक दीप धरना। आंखें न भरना।'
    - कितना भावपूर्ण !

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  10. बहुत खूब.
    आपको भी धनतेरस और दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें.

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  11. दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें|

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  12. गीत की भाषा में बहुत ताजगी भरी है। यह रचना हम लोगों को सिखाती है कि भाषा में ताजगी लाने के लिए कैसी शब्दयोजना बनानी चाहिए।
    सभी पाठकों को धनतेरस और दीपावली की हार्दिक बधाई।

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  13. कल के चर्चा मंच पर, लिंको की है धूम।
    अपने चिट्ठे के लिए, उपवन में लो घूम।।

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  14. पर्व के अवसर पर मन को स्पर्श करती है मिश्र जी की यह रचना...

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  15. मनोज जी,
    नमस्कार,
    आप के लिए "दिवाली मुबारक" का एक सन्देश अलग तरीके से "टिप्स हिंदी में" ब्लॉग पर तिथि 26 अक्टूबर 2011 को सुबह के ठीक 8.00 बजे प्रकट होगा | इस पेज का टाइटल "आप सब को "टिप्स हिंदी में ब्लॉग की तरफ दीवाली के पावन अवसर पर शुभकामनाएं" होगा पर अपना सन्देश पाने के लिए आप के लिए एक बटन दिखाई देगा | आप उस बटन पर कलिक करेंगे तो आपके लिए सन्देश उभरेगा | आपसे गुजारिश है कि आप इस बधाई सन्देश को प्राप्त करने के लिए मेरे ब्लॉग पर जरूर दर्शन दें |
    धन्यवाद |
    विनीत नागपाल

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  16. मनमोहक सुंदर पन्तिया भावपूर्ण रचना,
    सपरिवार दीप पर्व की बधाई......

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  17. दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें|

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  18. बढ़िया रचना !
    दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें !

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  19. तुम आंखे न भरना ..
    बहुत खूब !!
    .. आपको दीपावली की शुभकामनाएं !!

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