शुक्रवार, 22 जुलाई 2011

शिवस्वरोदय – 52

शिवस्वरोदय – 52

आचार्य परशुराम राय

इन श्लोकों में वशीकरण के तरीके बताए गए हैं। इनपर लिखते समय यह विचार आया कि इसे छोड़ दिया जाय, पर ऐसा करने से यह अधूरा रह जाता जो अनुचित होता। श्लोक संख्या 285 तक स्त्रियों को वश में करने के तरीके बताए गए हैं और श्लोक संख्या 286 से 300 तक गर्भाधान के तरीके बताए गए हैं। यदि इसे पढ़कर पाठकों को अन्यथा लगता है, तो उसके लिए मैं क्षमा माँगता हूँ।

शिव आलिङ्ग्यते शक्त्या प्रसङ्गे दक्षिणेSपि वा।

तत्क्षणाद्दापयेद्यस्तु मोहयेत्कामिनीशतम्।।281।।

भावार्थ – संभोग के समय यदि स्त्री का चन्द्र स्वर और पुरुष का सूर्य स्वर प्रवाहित हो और दोनों के स्वर परस्पर संयुक्त हो जायँ, तो पुरुष को सौ स्त्रियों को वश में करने की शक्ति मिल जाती है।

English Translation – While going for intercourse if left nostril of the woman and right nostril of the man are active and the breath of both comes into contact, the man acquires the power to have command on hundred women.

सप्त नव त्रयः पञ्च वारान्सङ्गस्तु सूर्यभे।

चन्द्रे द्विचतुःषट्कृत्वा वश्या भवति कामिनी।।282।।

भावार्थ – सूर्य स्वर के प्रवाह काल में यदि पुरुष का किसी स्त्री के साथ पाँच बार, सात बार या नौ बार संयोग हो अथवा चन्द्र स्वर के प्रवाह काल में दो बार, चार बार या छः बार संयोग हो, तो वह स्त्री सदा के लिए उस पुरुष के वश में होती है।

English Translation - At the time when right nostril of a man is active and if he has intercourse with a lady five times, seven times or nine times or when left nostril is active and if he do two times, four times or six times, the woman will come under his command forever.

सूर्यचन्द्रौ समाकृष्य सर्वाक्रान्त्याSधरोठयोः।

महापद्म मुखं स्पृष्ट्वा बारम्बारमिदं चरेत्।।283।।

भावार्थ – पुरुष के सूर्य स्वर तथा चन्द्र स्वर सम हों, तो उस समय पुरुष को अपनी साँस अन्दर खींचकर अपना पूरा ध्यान स्त्री के निचले होठ पर केन्द्रित करना चाहिए और जैसे ही सूर्य स्वर प्रधान हो, स्त्री के चेहरे को बार-बार स्पर्श करना चाहिए।

English Translation – When breath of a man flows through both the nostril and he concentrates his mind on the lower lip of the woman by holding the breath in and as his only right nostril becomes fully active, he should touch her face repeatedly.

आप्राणामिति पद्मस्य यावन्निद्रावशं गता।

पश्चाज्जागृति वेलायां चोष्यते गलचक्षुषी।।284।।

भावार्थ – जब स्त्री गहरी निद्रा में सो रही हो, उस समय पुरुष को उसके होठों को बार-बार उसके जगने तक चुम्बन करना चाहिए और उसके बाद उसके नेत्रों और गरदन का चुम्बन करना चाहिए।

English Translation – At the time when the woman is sleeping in deep sleep, the man should kiss her lips till she awakes and thereafter he should kiss her eyes and neck.

अनेन विधिना कामी वशयेत्सर्वकामिनीः।

इदं न वाच्यमस्मिन्नित्याज्ञा परमेश्वरि।।285।।

भावार्थ – हे पार्वती, इस प्रकार प्रेमी समस्त कामिनियों को अपने वश में कर सकता है। स्त्रियों को वश में करने का अन्य कोई उपाय नहीं है।

English Translation – O Goddess Parvati, in these ways a lovers can have command over their partners. There is no other way to have command over women, except what were told.

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4 टिप्‍पणियां:

  1. इसे पढ़कर पाठकों को अन्यथा नहीं लेना चाहिए आखिर यह भी हमारी प्राचीन साहित्यिक संपदा है. इससे तत्कालीन विचारों का पता चलता है.

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  2. बेचारी स्त्री। उसके हाथ में बस पुरूषों के "वश में आना' ही है!

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  3. शिवस्वरोदय पढ़ने के बाद लगता है जैसे भगवान के प्रसाद की प्राप्ति हुई है!
    आभार !

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  4. इस ज्ञान को प्राप्त कर मन संतुष्ट हुआ।

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