मंगलवार, 26 जनवरी 2010

इक्कीसवीं शती के दसवें गणतंत्र दिवस पर


इक्कीसवीं शती के दसवें गणतंत्र दिवस पर

-परशुराम राय

देश की संसद की

गंगोत्री से निकली

लोकहित

की भागीरथी

किसकी जटा में खो गयी ?

या कि कोई जह्नु आकर

राह में ही पी गया

और लोकहित

स्वार्थ की वैतरणी बहा

कोई भगीरथ छल गया ?

माना कि नवनिर्माण में

धीरज भी कोई चीज है

पर पचासा पार कर

यह बुजदिली का

राग बनकर रह गया

इक्कीसवीं शती के

दसवें गणतंत्र दिवस पर

हे भारत के भाग्य विधाता

देश के हित

एक गंगा और दे दो

स्वतंत्रता की भैरवी को

एक राग और दे दो ।

**********

32 टिप्‍पणियां:

  1. गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें!

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  2. गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें

    उत्तर देंहटाएं
  3. गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें.......

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  4. गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ ... चलो हम भारत देश को वस्तुत: गण के तंत्र में विकसित करें ।

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  5. बेहतरीन!!

    गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ.

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  6. साठवें गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय एकता का पैगाम दूर तलक पहुंचे और विकास की एक किरण सबसे आखिरी पायदान पर खड़े शख्स के चेहरे पर भी मुस्कान लाएं...

    इसी कामना के साथ आपको राष्ट्रीय पर्व की बधाई...

    जय हिंद...

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  7. गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें.......

    उत्तर देंहटाएं
  8. इक्कीसवीं शती के

    दसवें गणतंत्र दिवस पर

    हे भारत के भाग्य विधाता

    देश के हित

    एक गंगा और दे दो

    स्वतंत्रता की भैरवी को

    एक राग और दे दो ।
    बहुत सुन्दर रचना।इक्कीसवीं शती के

    दसवें गणतंत्र दिवस पर

    हे भारत के भाग्य विधाता

    देश के हित

    एक गंगा और दे दो

    स्वतंत्रता की भैरवी को

    एक राग और दे दो ।बहुत सुन्दर रचना है।इक्कीसवीं शती के

    दसवें गणतंत्र दिवस पर

    हे भारत के भाग्य विधाता

    देश के हित

    एक गंगा और दे दो

    स्वतंत्रता की भैरवी को

    एक राग और दे दो ।बहुत सुन्दर रचना है। गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें

    उत्तर देंहटाएं
  9. बहुत अच्छी और समयोचित रचना। गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं।

    उत्तर देंहटाएं
  10. इक्कीसवीं शती केदसवें गणतंत्र दिवस परहे भारत के भाग्य विधातादेश के हितएक गंगा और दे दोस्वतंत्रता की भैरवी कोएक राग और दे दो । **********
    बहुत अच्छी और समयोचित रचना। गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं।

    उत्तर देंहटाएं
  11. गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें
    vastavikta se ru-b-ru karati aapki rachna bahut achhi lagi...

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  12. गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ .

    उत्तर देंहटाएं
  13. इक्कीसवीं शती के
    दसवें गणतंत्र दिवस पर
    हे भारत के भाग्य विधाता
    देश के हित
    एक गंगा और दे दो
    स्वतंत्रता की भैरवी को
    एक राग और दे दो ....

    आमीन.... सुंदर रचना की विनती में हमारा स्वर भी शामिल है .. आपको गणतंत्र दिवस की बहुत बहुत बधाई ....

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  14. बहुत सुन्दर रचना ! आपको और आपके परिवार को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें!

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  15. बहुत खूब कहा आपने. सुन्दर. गणतंत्र दिवस की शुभकामनायें.

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  16. आपकी पोस्ट पढकर दुष्यंत कुमार का एक शेर याद आ गया ..
    यहाँ तक आते-आते सूख जाती हैं सभी नदियाँ
    मैं जानता हूँ पानी कहाँ ठहरा हुआ होगा.
    ..६१ वें गणतंत्र दिवस की ढेर सारी शुभ कामनाएँ.

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  17. अद्भुत!
    सुंदर! विचार।

    देश की संसद की

    गंगोत्री से निकली

    लोकहित

    की भागीरथी

    किसकी जटा में खो गयी ?

    या कि कोई जह्नु आकर

    राह में ही पी गया

    और लोकहित

    स्वार्थ की वैतरणी बहा

    उत्तर देंहटाएं
  18. रचना अच्छी लगी। गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें....

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  19. गणतंत्र दिवस की शुभकामनायें....

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  20. राजभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार में आपका योगदान सराहनीय है।

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  21. Hardik Shubhkanaye sahit aapka apna sandeep shubh chintan ki badhayi deta hoon.

    Manga to kya manga.
    ek aur de do Ganga.

    Sandeep Kumar (Pankaj)
    9814159141
    9569711306

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  22. हूँ... ! सच में,
    हो गयी है पीड़ पर्वत-सी पिघलनी चाहिए !
    इस हिमालय से कोई गंगा निकालनी चाहिए !!
    बहुत ही सामयिक एवं सम्प्रेशानीय व्यंजना !!!

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  23. एक बहुत ही गंभीर रचना जो सामयिक विषय पर चिंता ज़हिर करती है।

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  24. बहुत अच्छी और समयोचित रचना। गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं।

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