शुक्रवार, 12 अगस्त 2011

शिवस्वरोदय – 55

शिवस्वरोदय – 55

-आचार्य परशुराम राय

मो. नं. 09936526011

ई-मेल : parashuramrai25@gmail.com

चैत्रशुक्लप्रतिपदि प्रातस्तत्वविभेदत:।

पश्येद्विचक्षणो योगी दक्षिणे चोत्तरायणे।।301।।

भावार्थ – चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को विद्वान लोग प्रातःकाल उठकर तत्त्व-विचार करते हुए और सूर्य के दक्षिणायन तथा उत्तरायण को ध्यान में रखते हुए वर्षफल से सम्बन्धित प्रश्नों का उत्तर दें।

English Translation – On the first day of Chaitra (first Indian lunar month of the year, i.e. new year day) month at the time of sunrise, the wise should observe his breath, Tattva present therein and movement of the sun southward and northward from the equator; and based on them he should make predictions about the happenings during the year.

चन्द्रोदयस्य वेलायां वहमानोऽत्र तत्वत:।

पृथ्व्यापस्तथा वायु: सुभिक्षं सर्वशस्यजम्।।302।।

तेजोप्यग्निर्भयं घोरं दुर्भिक्षं कालतत्त्वत:।

एवं तत्फलं ज्ञेयं वर्षे मासे दिनेष्वपि।।303।।

भावार्थ – उस समय यदि चन्द्र स्वर का प्रवाह हो तथा उसमें पृथ्वी, जल या वायु तत्त्व सक्रिय हो, तो आनेवाला वर्ष सम्पन्नता और प्रचुर उपज से भरा होगा। लेकिन उस समय चन्द्र-स्वर में अग्नि अथवा आकाश तत्त्व की प्रधानता हो, तो समझना चाहिए कि आनेवाले वर्ष में, महीने मे एवं दिनों में अकाल पड़ेगा, बाढ़ से नुकसान होगा एवं दुख की अधिकता रहेगी।

English Translation – At that point of time, if breath is active in left nostril and Prithvi, Jala or Vayu Tattva is present therein, prosperity and ample production of grain during the year can be predicted. But presence of Agni Tattva or Akash Tattva in the breath flowing through the left nostril indicates draught, loss due to flood and miseries during the year, month and days to pass.

मध्यमाभवति क्रूरा दुष्टा सर्वेषु कर्मसु।

देशभंग महारोग क्लेषकष्टादि दु:खदा।।304।।

भावार्थ – लेकिन उस समय सुषुम्ना नाड़ी सक्रिय होना सभी कार्यों में क्रूरता तथा भयावह परिस्थियों के आगम का संकेत है, अर्थात् देश का विभाजन, महामारी, कष्ट, पीड़ा, अभाव आदि की बहुलता देखने को मिलेगी।

English Translation – Flow of breath through both nostrils indicates miseries, i.e. partition of the country, breaking out of epidemics etc.

मेषसंक्रान्तिवेलायां स्वरभेदं विचारयेत्।

संवत्सर फलं ब्रूयाल्लोकानां तत्त्वचिन्तक:।।305।।

भावार्थ – मेष संक्रान्ति के समय (जब सूर्य मीन राशि से मेष राशि में संक्रमण करता है) तत्त्व-चिन्तक को अपने प्रवाहित स्वर पर विचार करे और उसके अनुसार लोगों के लिए वर्ष-फल बताए।

English Translation – At the time of movement of the sun from Pisces to Aries, Swar-Yogi should observe his breath and make predictions for the year on the public demand.

पृथिव्यादिक तत्वेन दिनमासाब्दजं फलम्।

शोभनं च यथा दुष्टम् व्योममारुतवह्निभि:।।306।।

भावार्थ – स्वर में पृथ्वी आदि तत्त्वों की प्रधानता के आधार पर किसी दिन, मास और वर्ष का फल समझना चाहिए। यदि पृथ्वी या जल तत्त्व की प्रधानता हो, तो सुख-समृद्धि का संकेत समझना चाहिए। लेकिन वायु, अग्नि अथवा आकाश तत्त्व की प्रधानता होने पर इसके बिलकुल विपरीत समझना चाहिए।

English Translation – According to presence of Tattvas in the breath, prediction for the day, month and year should be made. If Prithvi or Jala Tattva is present in the breath, it indicates prosperity. But presence of Vayu, Agni or Akash Tattva in the breath indicates just opposite.

सुभिक्षं राष्ट्रवृद्धि: स्याद्बहुशस्या वसुंधरा।

बहुवृष्टिस्तथा सौख्यं पृथ्वी-तत्त्वं वहेद्यदि।।307।।

भावार्थ – वर्ष के प्रथम दिन प्रातःकाल स्वर में पृथ्वी तत्त्व के सक्रिय होने पर समझना चाहिए कि आनेवाले वर्ष में सुभिक्ष रहेगा, पर्याप्त वर्षा होगी, प्रचुर अनाज पैदा होगा, हर प्रकार का सुख मिलेगा और राष्ट्र की हर तरह से वृद्धि होगी।

English Translation – In the morning (sunrise) of first day of the year, presence of Prithvi Tattva in the active breath indicates prosperity, good rain, ample production of food grains, all types of happiness and development of the country.

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6 टिप्‍पणियां:

  1. संग्रहणीय पोस्ट के लिए आपका आभार

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  2. बहुत बढ़िया जानकारी मिली! आभार!
    मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
    http://seawave-babli.blogspot.com/
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  3. सार्थक तथा संग्रहणीय पोस्ट...धन्यवाद..

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  4. बहुत बढ़िया जानकारी मिली! आभार!

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  5. अत्यंत उपयोगी जानकारी जिसे नेट पर पहुंचा कर आप सर्व साधारण के लिये सुलभ करवा रहे हैं. बहुत आभार.

    रामराम.

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