शुक्रवार, 4 नवंबर 2011

शिवस्वरोदय – 66


शिवस्वरोदय – 66

आचार्य परशुराम राय

प्रातः पृष्ठगते रवौ च निमिषाच्छायाङ्गुलीश्चाधरं

दृष्ट्वान्धेनमृतिस्त्वनन्तरमहोच्छायां नरः पश्यति।

तत्कर्णांसकरास्य पार्श्वहृदयाभावे क्षणार्थात्स्वयं

दिङ्मूढो हि नरः शिरोविगमतो मासांस्तु षड्जीवति।।361।।

भावार्थ – सबेरे सूर्योदय के बाद सूर्य की ओर पीठ करके खड़ा होना चाहिए और अपनी छाया पर मन को केन्द्रित करना चाहिए। यदि छाया की उँगलियाँ न दिखाई पड़े, तो तुरन्त मृत्यु समझना चाहिए। यदि पूरी छाया न दिखाई पड़े, तो भी तत्काल मृत्यु समझनी चाहिए। कान, सिर, चेहरा, हाथ, पीठ या छाती का भाग न दिखाई पड़े, तो भी समझना चाहिए कि मृत्यु एकदम सन्निकट है। लेकिन यदि छाया का सिर न दिखे और दिग्भ्रम हो, तो उस व्यक्ति का जीवन केवल छः माह समझना चाहिए।

English Translation – Someone stands straight in the morning after sunrise keeping the Sun on the back side and concentrates mind on the shadow. If fingers of the shadow are not visible, he should understand that his death is present there. If whole shadow is not visible, he is to die immediately. If ears, head, face, hands, back or chest part is not visible in the shadow, then also he is to die then and there. But if head of shadow is not visible and at the same he suffers from paranoia of directions, his life is left for six months.

एकादिषोडषा हानिर्यदि भानुर्निरन्तरम्।

वहेद्यस्य भवेन्मृत्युः शेषाहेन मासिकम्।।362।।

भावार्थ – किसी व्यक्ति का दाहिना स्वर लगातार सोलह दिन तक चलता रहे, तो उसका जीवन महीने के बचे शेष दिनों तक, अर्थात् केवल 14 दिन समझना चाहिए।

English Translation – If the breath of a person runs through right nostril continuously for sixteen days, his life is left only for fourteen days.

सम्पूर्णं वहते सूर्यश्चन्द्रमा नैव दृश्यते।

पक्षेण जायते मृत्युः कालज्ञेनानुभाषितम्।।363।।

भावार्थ – कालज्ञान रखनेवाले योगियों का मत है कि यदि दाहिना स्वर लगातार चले तथा बाँया स्वर बिलकुल न चले, तो समझना चाहिए कि उस व्यक्ति की मृत्यु पन्द्रह दिन में हो जाएगी।

English Translation – If breath of a person flows through right nostril for a long without break and no breath through left nostril, his death takes place in 15 days according to Swara Siddhas.

मूत्रं पुरीषं वायुश्च समकालं प्रवर्तते।

तदाSसौ चलितो ज्ञेयो दशाह्ने म्रियते ध्रुवम्।।364।।

भावार्थ – शौच के समय यदि किसी व्यक्ति का मल, मूत्र और अपान वायु एक साथ निकले, तो समझना चहिए कि उसकी मृत्यु दस दिन में होगी।

English Translation - If a person passes stool, urine and wind simultaneously, he dies in ten days.

सम्पूर्णं वहते चन्द्रः सूर्यो नैव च दृश्यते।

मासेन जायते मृत्युः कालज्ञेनानुभाषितम्।।365।।

भावार्थ – कालज्ञानियों का मत है कि यदि किसी व्यक्ति का बाँया स्वर लगातार चले और दाहिना स्वर बिलकुल न चले, तो समझना चाहिए कि उसकी मृत्यु एक माह में होगी।

English Translation – Similarly, if a person breaths through left nostril continuously for a long and no breath through right nostril, he dies in one month, as stated by Swar Siddhas.

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9 टिप्‍पणियां:

  1. ओह -ठोस द्रव गैस एक साथ उत्सर्जित नहीं होने चाहियें अगर दीर्घायु होना है तो!

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  2. प्रभावी लेख मनोज जी बहुत ही ज्ञान वर्धन करने वाला ...उम्मीद है लोग इससे लाभ लेंगे ....
    भ्रमर ५
    बाल झरोखा सत्यम की दुनिया

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  3. ओह बहुत कठिन है दीर्घायु होना.

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  4. पाठकों की प्रतिक्रियाओं को देखते हुए यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि अपनी मृत्यु का समय कैसे जान सकते हैं और मृत्यु की चाल को कैसे बदल सकते हैं। साधक इन्हीं या अन्य तकनीकों से अपनी मृत्यु की भविष्यवाणी करते थे या करते हैं। पाठकों को उनकी सजग प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक आभार।

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  5. आपकी किसी पोस्ट की हलचल है ...कल शनिवार (५-११-११)को नयी-पुरानी हलचल पर ......कृपया पधारें और अपने अमूल्य विचार ज़रूर दें .....!!!धन्यवाद.

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  6. वैसे तो कोई अपनी परछाईं देखता नहीं...पर आचार्य जी अब तो अपनी परछाईं देखने के लिए भी हिम्मत जुटानी होगी...

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