नमस्कार मित्रों !
मुझे ऐसा महसूस हो रहा है कि आप हैरत कर रहे होंगे या कोफ़्त........ ये ब्लॉग का कीड़ा अब दिन में तीन-तीन बार काटने लगा ? ख्वातीन-ओ-हजरात ! अजी बात ही है कुछ ख़ास !! मैं तो बस कहने आया हूँ, "मुबारक हो ..... !!!" दरअसल आज इस ब्लॉग के संचालक श्री मनोज कुमार जी का वैवाहिक वर्षगाँठ है। वर्षों पूर्व 26 फरबरी 1988 को उनके साथ हुए इस 'अत्याचार' (हा...हा....हा....! हमें तो बड़ा मजा आया था !!) का गवाह मैं भी हूँ। कैसे भूल सकता हूँ यह दिन...... वर्षों बीत गए पर जख्म अभी भी हरा है। शायद आपकी दुआ में असर हो..... आईये 'चिर-दम्पति' को उनकी शादी की बाइसवीं सालगिरह पर दे दें मुबारकबाद !!
-- करण समस्तीपुरी
चूम ले हर ख़ुशी आपके हर कदम,
दरमयां आपके ना मोहब्बत हो कम !
हैं बांधे सात फेरों से सातो जनम,
दरमयां आपके ना मोहब्बत हो कम !!
आपके नूर से ही है रोशन समां,
लेके खुशबू तुम्हारी है महकी फिजां !
हो दुआ पाक दिल की, खुदा की कसम,
दरमयां आपके ना मोहब्बत हो कम !!

आप से ही चमन अपना गुलज़ार है,
आपके अक्स में रब का दीदार है !
आप गुलशन हैं, गुलशन के बुलबुल हैं हम,
दरमयां आपके ना मोहब्बत हो कम !!
आज तक जिन्दगी में जो गुजरे हैं दिन,
दूने उसके मिले आज का ये सुदिन !
ख्वाब में भी ना आये कभी कोई ग़म,
दरमयां आपके ना मोहब्बत हो कम !!
श्री मनोज कुमार से मेरा पारिवारिक सम्बन्ध है। और सम्बन्ध क्या है, वो ग़ज़ल से जाहिर हो ही गया होगा। तो मेरे साथ आप भी दुआ करें कि श्री कुमार दम्पति के जीवन में यह दिन बार-बार आये !!!
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